क्रिकेट के बाद अब टेनिस में फिक्सिंग का मामला

नई दिल्ली।
क्रिकेट के बाद अब टेनिस में भी फिक्सिंग का मामला सामने आया है। दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि करियर की शुरुआत में उनके सामने भी एक मैच ‘फिक्‍स’ करने का ऑफर आया था।
गौरतलब है कि पुरुषों के खेल को चलाने वाली संस्था ATP के खुफिया दस्तावेज़ BBC और न्यूज़ वेबसाइट Buzzfeed के हाथ लगे हैं। इन दस्तावेजों के मुताबिक टेनिस के कई टॉप खिलाड़ी बड़े-बड़े टूर्नामेंट में मैच फिक्सिंग कर चुके हैं। जिसमें विंबलडन भी शामिल है। बजफीड के एडिटर हैदी ब्लैक का कहना है, ‘लिस्ट में 16 खिलाड़ियों का नाम बार-बार आ रहा है, ये खिलाड़ी टॉप-50 खिलाड़ियों में रह चुके हैं और इस लिस्ट में से 8 खिलाड़ी साल के पहले ग्रैंड स्‍लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी खेल रहे हैं। हालांकि टेनिस अधिकारियों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ऑस्‍ट्रेलियन ओपन के शुरुआती दौर में दक्षिण कोरिया के जुंग ह्योन पर जीत दर्ज करने वाले जोकोविक ने हालांकि रिपोर्ट को लेकर तो टिप्‍पणी नहीं की लेकिन यह जरूर कहा कि सेंट पीटर्सबर्ग में वर्ष 2007 में एक मैच जानबूझकर हारने के लिए उन्‍हें ‘अप्रोच’ किया गया था। मेलबर्न में रिपोर्टर्स से बात करते हुए सर्बिया के इस टेनिस खिलाड़ी ने कहा, ‘यह पेशकश सीधे तौर पर मुझसे नहीं की गई थी। ऐसे लोगों के जरिये मुझे अप्रोच किया गया था जो उस समय मेरे साथ काम कर रहे थे।’
उन्‍होंने कहा कि निश्चित रूप से हमने सीधे तौर इसे खारिज कर दिया था। जो शख्‍स मुझसे बात करना चाह रहा था, मेरे सामने सीधे तौर पर नहीं आ पाया था।’ दुर्भाग्‍यवश उस समय ऐसी अफवाहें, बातचीत चल रही थीं। जोकोविच ने कहा कि पिछले छह-सात साल में मैंने इससे मिलती-जुलती ऐसी कोई बात नहीं सुनीं। इस बारे में मुझे सीधे तौर पर कभी अप्रोच नहीं किया गया इसलिए मैं इस बारे में इससे ज्‍यादा कुछ नहीं कह सकता।
खबरों के मुताबिक जोकोविक को मैच हारने के लिए दो लाख डॉलर ऑफर किए गए थे। इस घटना ने खेलों में छुपी मैच फिक्सिंग की बुराई की ओर सबका ध्‍यान खींचा है। हालांकि इस सर्बियाई खिलाड़ी ने ‘खेल में अपराध’ की श्रेणी में रखा है। उन्‍होंने कहा कि मुझे इस तरह की बातें सुनकर ही अजीब लगता है। मैं ऐसी किसी भी चीज से अपने को नहीं जोड़ना चाहता। कोई और इसे अपने लिए अवसर मान सकता है, लेकिन जहां तक मेरी बात है मैं तो इसे गैरखिलाड़ी भावना का कार्य और खेल में अपराध मानता हूं। मैं इसका समर्थन नहीं कर सकता। मुझे लगता कि किसी भी खेल खासतौर पर टेनिस में इसके लिए कोई जगह नहीं है। मुझे जिन लोगों के आसपास रहा हूं, उन्‍हें मुझे हमेशा खेल और इससे जुड़े मूल्‍यों का सम्‍मान करना सिखाया है। मैं इसी तरह बड़ा हुआ हूं। सौभाग्‍य से मेरा कभी भी इस तरह की बातों से सीधे तौर पर वास्‍ता नहीं पड़ा।

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