कला का संगम है गार्डन सिटी

बंगलुरू।
कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु को गार्डन सिटी भी कहा जाता है। यह राजधानी होने के साथ दक्षिणी भारत का सबसे बड़ा व विकसित महानगर भी है। समुद्र तल से 1000 किलोमीटर ऊपर इस शहर का मौसम सालभर एक समान रहता है। इसलिए आप जब चाहे वहां घूमने जा सकते हैं। बंगलुरु ऐतिहासिक और आधुनिक वास्तुकला का केंद्र भी है।

शहर के बीच विधान सौंध, भव्य राज्य विधान सभा और सचिवालय का आकर्षक गुबंद और गैलरी बंगलूर की शान हैं। रविवार और छुट्टी के दिन विधान सौंध की रौशनी देखते बनती है।

बंगलुरु में कई संस्थान हैं जहां रिसर्च किया जा सकता है। उनमें से कुछ हैं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस (यह सबसे पुराना है), इसके अलावा रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ और न्यूरो-साइंस। नेशनल एअरोस्पेस इलेक्ट्रोनिक्स, कंप्यूटर और कई साफ्टवेयर यहां आसानी से उपलब्ध हैं। बंगलुरु वैज्ञानिकों और इंजीनियरों का शहर है। अगर कला और नृत्य की बात करें तो उसमें भी यह काफी समृद्ध है। यहां कई स्कूल हैं जहां क्लासिकल म्यूजिक और डांस सिखाया जाता है।

अनोखे व हरे भरे पार्क, बगीचे और दूसरे बेहतरीन दृश्यों से यह शहर घिरा है। करीब 300 एकड़ में फैला कब्बन पार्क किड्स ट्रेन के लिए जाना जाता है। मनमोहक बोटानिकल गार्डन शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाता है।। शहर से बीस किलोमीटर की दूरी पर बनरगट्टा नेशनल पार्क बिल्कुल जंगल की तरह है। यहां नीम, चंदन और इमली के पेड़ हैं। इस पार्क में हाथी, चीता, स्लॉथ कोबरा, पोकुपाइन्स, मनगूज भी देखा जा सकता है। यहां पक्षियों की भी कई प्रजातियां देखी जा सकती हैं। इस पार्क में सितंबर से अक्टूबर तक सैर की जा सकती है।

बंगलुरु में देश के कई पुराने और सबसे खूबसूरत मंदिर हैं। लगभग 300 साल पुराना वेंकटरमणस्वामी मंदिर यहीं है। दूसरे बेहतरीन मंदिरों में गवि गंधरेश्वर मंदिर और गुफा मंदिर है। इन मंदिरों की विशेषता यह है कि सूर्य की किरणें मंदिर के बाहर स्थापित नंदी बैल की प्रतिभा के सींगों में से निकलती मालूम पड़ती हैं और भगवान शिव की छाया को प्रदीप्त करती हैं। इसके अलावा सोमेश्वर मंदिर भी दर्शनीय है। संत मेरी बेसिलिका बंगलुरु का सबसे पुराना चर्च है। बुल मंदिर में भगवान शिव के वाहक नंदी की प्रतिमा पूरी दुनिया में सबसे बड़ी है।

बंगलुरु का सरकारी संग्रहालय, विश्वेसवराय टेक्नोलोजिकल और इंडस्ट्रीयल म्यूजियम भी देखने लायक हैं। टीपू सुल्तान का किला और पैलेस यहां के मुख्य पर्यटक स्थलों में शामिल है। इसके अलावा अल्सूर झील भी दर्शनीय पिकनिक स्पॉट है।

लाल-बाग बोटानिकल गार्डन यहां के बेहतरीन पर्यटक स्थलों में से एक है। यह 240 एकड़ में फैला है। यहां एक ग्लास हाउस भी है। साल में एक बार यहां फ्लावर शो का आयोजन किया जाता है, जिसे देखने दूर-दूर से पर्यटक आते हैं।

इसके अलावा बंगलुरु से कुछ किलोमीटर की दूरी पर चार सौ साल पुराना बरगद का पेड़ है। बंगलुरु एक्वेरियम भारत का दूसरे सबसे बड़ा एक्वेरियम है। कब्बन पार्क के प्रवेश द्वार पर इस एक्वेरियम में मछलियों की बेहतरीन प्रजातियां देखने को मिलती हैं। बंगलुरु आप कभी भी जा सकते हैं। यहां हवाई और रेलमार्ग से पहुंचा जा सकता है।

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