जेल से पढ़ाई करके IIT का एग्जाम पास किया

कोटा, जेल  की एक सेल से पढ़ाई करके एक बच्चे ने IIT का एग्जाम पास किया है। ये कोटा ओपन जेल की कहानी है जहां पिता आजीवन कारावास की सज़ा काट रहा है। लेकिन अच्छे आचरण के चलते पिछले दो साल से उन्हें ओपन जेल में रख गया है, जहां वो बाहर जा कर मज़दूरी कर सकते हैं। पीयूष के पिता की सज़ा ख़त्म होने में अभी 2 साल बाकी हैं। लेकिन, परिवार से आर्थिक मदद लेकर वो पीयूष का IIT का सफर भी पूरा करने की उम्मीद रखते हैं।

परन्तु फूल चंद गोयल इतने पैसे भी नहीं कमाते कि वो बेटे पीयूष को हॉस्टल में रख के पढ़ाई करवाएं। इसलिए ओपन जेल की कोठरी में अपने साथ रख कर IIT की कोचिंग करवाई और अब बेटे ने एग्जाम पास करके उनका सपना पूरा कर दिया है। 453 रैंक के साथ उसका दाखिल अब अच्छी IIT में होना तय है।
खुली जेल में होने के कारन फूलचंद दिन में शहर में जा कर मज़दूरी करते हैं। वो एक दुकान में काम करके महीने में 10 से 12 हज़ार रुपये जुटा लेते हैं। इन पैसों से उन्होंने पीयूष के कोचिंग का खर्चा पूरा किया है। पीयूष ने कहा कि जेल में अच्छा माहौल है इतना बुरा नहीं है जितना लोग सोचते हैं। खुशी हो रही है, आज कि मैंने पिता का सपना पूरा किया।

जेल प्रशासन भी खुश है और पीयूष को देखते हुए कैदियों के लिए सुविधाएं बढ़ाना चाहता है। कोटा जेल के सुपरिन्टेन्डेन्ट शंकर सिंह ने कहा कि जेल प्रशासन अपने आप को गौरान्वित महसूस कर रहा है कि विषम परिस्थिति में रहते हुई भी पीयूष कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ रहा है।

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