‘‘सुविधा‘’ की सुविधा से अभिभूत हैं यात्री

नई दिल्ली /
भारतीय रेल के लिए प्रीमियम ट्रेन सुविधा के बुकिंग नियमों में परिवर्तन यात्री को भा गया है। प्रीमियम ट्रेन के स्थान पर सुविधा ट्रेन कहलाने वाली विशेष ट्रेन अचानक यात्रा करने वाले यात्रियों में काफी लोकप्रिय हो रही है। इस ट्रेन की औसत आॅकिपेंसी लगभग 70 प्रतिशत है तथा कुछ ट्रेनों की तो आॅकिपेंसी 100 प्रतिशत से भी अधिक हो जाती है। पिछले साल इन ट्रेनों ने रेलवे को 300 करोड़ की कमाई करवाई थी तथा इस साल मई तक इसने रेलवे को 158 करोड़ का रेवन्यू दे दिया है।
रेलवे बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि पिछले साल जब से सुविधा ट्रेनों के रिफंड नियमों में संशोधन किया गया है तब से इसने यात्रियों को आकर्षित करना प्रारंभ किया है। पहले सुविधा ट्रेनों में टिकट कैंसिल करने की कोई सुविधा नही थी। यात्री के यात्रा न किए जाने पर पूरी यात्रा राशि खोना पड़ता था। परंतु जबसे रेलवे ने 50 प्रतिशत रिफंड के नए नियम लागू किए हैं तो यात्रियों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ने लगी है। पहले टिकट के मूल्य भी मांग और आपूर्ति के जिस नियम के तहत तय किए जाते थे उसमें कभी किसी यात्री को किसी दिन किसी स्थान पर जाने के लिए 300 रुपए व्यय करने पडते थे तो दूसरे दिन किसी अन्य यात्री को उसी स्थान पर जाने के लिए 200 रुपए या फिर 800 रुपए व्यय करने पड़ते थे।
परंतु अब नए नियमों के तहत सुविधा ट्रेनों का किराया एक समान दर से उपर बढ़ते ग्राफ के आधार पर तय किया जाता है। इसके कारण किसी एक स्थान के किराए में अलग-अलग दिनों में बुकिंग किए जाने पर किराया पिछले दिन से कम नहीं होता तथा पूर्व के बुकिंग दिवस से अगले दिन में उसी स्थान के लिए टिकट के किराए तीव्र वृद्धि भी नहीं होती है।
सूत्रों ने बताया कि सुविधा ट्रेनों में वर्तमान में सबसे लोकप्रिय ट्रेन लोकमान्य तिलक टर्मिनल से गोरखपुर तथा पुणे से कटरा के बीच चलने वाली गाड़ी हंै। वहीं दूसरी ओर दिल्ली से मुंबई के बीच चलने वाली सुविधा ट्रेन की लोकप्रियता में गिरावट आई है। विशाखापत्तनम से तिरूपति के बीच चलने वाली सुविधा भी यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है।

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