चौहान मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार

भोपाल।
मोदी सरकार के मार्गदर्शक मंडल की अवधारणा को दोहराते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दो वरिष्ठ मंत्रियों को हटाते हुए अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया और 4 केबिनेट मंत्री एवं 5 राज्य मंत्रियों सहित कुल नौ नए मंत्रियों को अपनी मंत्रिपरिषद में शामिल किया।

ऐसा लगता है कि 85 वर्षीय बाबूलाल गौर और 76 वर्षीय सरताज सिंह को उनकी उम्र के चलते हटाया गया है। गौर के पास गृह मंत्रालय एवं सिंह के पास लोकनिर्माण विभाग की कमान थी। समझा जाता है कि शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले भाजपा आलाकमान के निर्देश पर दोनों ने इस्तीफा दे दिया।

गौर और सिंह ने बताया कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। गौर ने कहा, मुझे पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा इस्तीफा देने के लिये कहा गया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, जसवंत सिंह और यशवन्त सिन्हा सहित कई बुजुर्ग दिग्गज पार्टी में हाशिये पर कर दिए गए हैं और उनकी अधिक उम्र के चलते मोदी सरकार में उन्हें जगह नहीं मिली। बाद में आडवाणी और जोशी को पार्टी के मार्गदर्शक मंडल में शामिल किया गया लेकिन व्यवहारिक तौर पर वह संगठन में मुख्य धारा में नहीं हैं। सिंह और गौर दोनों ने ही शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं लिया।

मध्यप्रदेश में तीसरी बार सत्ता संभालने के ढाई साल बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाम बहुप्रतिक्षित मंत्रिमंडल का विस्तार किया।

राज भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव ने मंत्रिमंडल में शामिल किये गये 4 नए केबिनेट मंत्रियों अर्चना चिटनीस, रूस्तम सिंह, जयभान सिंह पवैया, ओम प्रकाश धुर्वे तथा 5 नए राज्य मंत्रियों विश्वास सारंग, संजय पाठक, सूर्यप्रकाश मीणा, ललिता यादव और हर्ष सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

नव नियुक्त मंत्रियों को फिलहाल विभागों को बंटवारा नहीं किया गया है। मंत्रियों को देर रात या कल विभागों का आवंटन किया जा सकता है। इसके साथ ही कुछ पुराने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है।

यहां भाजपा में यह भी चर्चा थी कि 70 वर्ष से अधिक आयु की प्रदेश की पशुपालन मंत्री कुसुम मेहदेले को भी इस्तीफा देने के लिये कहा गया है। लेकिन जब मेहदेले से संपर्क किया गया तो उनके सहयोगी ने मेहदेले की आयु 71 वर्ष बताते हुए कहा कि किसी ने भी उन्हें इस्तीफा देने के लिये नहीं कहा है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री कल जब अपने मंत्रिमंडल के विस्तार के सिलसिले में विचार विमर्श के लिये नई दिल्ली में भाजपा के केन्द्रीय नेतत्व से मिले तो उन्हें अधिक उम्र वाले मंत्रियों को मंंत्रिमंडल में बनाये रखने पर प्रतिकूल राय हासिल हुई। इसके बाद इन दो उम्रदराज मंत्रियों का इस्तीफा लेने का निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही मंत्रिमंडल में आज के विस्तार और दो केबिनेट मंत्रियों के इस्तीफे के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल में कुल केबिनेट मंत्रियों की संख्या बढ़कर 20 तथा राज्य मंत्रियों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है जबकि संविधान के अनुसार मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल में कुल 33 सदस्य शामिल किये जा सकते हैं।

चौहान के नेतत्व में वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश में भाजपा की तीसरी दफा सरकार बनी। इसमें 18 केबिनेट मंत्री तथा 4 राज्य मंत्री शामिल किये गये। वर्ष 2014 और वर्ष 2015 में भी मंत्रिमंडल विस्तार के अटकलें लगती रहीं लेकिन यह नहीं हुआ। संविधान के अनुसार प्रदेश मंत्रिमंडल में 11 मंत्री और शामिल किये जा सकते हैं।

रीवा में 17 जून को मध्यप्रदेश भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में चौहान ने मंत्रिमंडल के विस्तार और भूटान की तर्ज पर प्रदेश में हैप्पीनेस मंत्रालय की स्थापना की बात कही थी। भूटान में आनंद सूचकांक के जरिये देश के लोगों की खुशी का आकलन किया जाता है।

आज मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद शीघ्र ही प्रदेश में हैप्पीनेस मंत्रालय का गठन किया जायेगा। सूत्रों के अनुसार हैप्पीनेस मंत्रालय की कमान मुख्यमंत्री स्वयं के पास रख सकते हैं।x

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