प्रदूषण की वजह से आपकी त्वचा खराब,आर्युवेदिक घरेलू उपचार

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नई दिल्ली,   बढ़ते प्रदूषण से न केवल आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ता है, बल्कि उससे आपकी खूबसूरती पर भी ग्रहण लगता है। प्रदूषण की वजह से आपकी त्वचा खराब हो जाती है और समय से पहले बुढ़ापा, चेहरे पर झुर्रियां त्वचा में लचीलेपन में कमी दिखने लगते हैं।

इन सबके बावजूद आर्युवेदिक घरेलू उपचार और प्राचीन औषधीय पौधों की मदद से प्रदूषण के सौंदर्य पर पढ़ने वाले प्रभाव को पूरी तरह रोका जा सकता है और आपका सैौंदर्य सामान्य रूप से निखरा रह सकता है। प्राचीन औषधीय पौधों को घर में लगाने से वायु में विषैले तत्वों को हटाकर वायु को स्वच्छ रखा जा सकता है, क्योंकि यह पौधे वातावरण में विद्यमान हानिकारक गैसों को सोखकर घर में वातावरण को शुद्ध कर देते है।

सौंदर्य पर प्रदूषण के प्रभावों को कम करने के लिए चंदन, यूकेलिप्टस, पुदीना, नीम, तुलसी, घृतकुमारी जैसे पदार्थों का उपयोग कीजिए। इन पदार्थों में विषैले तत्वों से लड़ने की क्षमता और बलवर्धक गुणों की वजह से त्वचा में विषैले पदार्थो के जमाव और फोड़े, फुंसियों को साफ करने में मदद मिलती है।

एक चम्मच सिरका और घृतकुमारी में एक अंडे को मिलाकर मिश्रण बना लें।  इस मिश्रण को हल्के से स्कल्प पर लगा लीजिए। इस मिश्रण को सिर पर आधे घंटे तक लगा रहने के बाद सिर को ताजे और साफ पानी से धो डालें। आप वैकल्पिक तौर पर गर्म तेल की थैरेपी भी दे सकते हैं। नारियल तेल को गर्म करके इसे सिर पर लगा लीजिए। अब गर्म पानी में एक तौलिया डुबोइए और तौलिए से गर्म पानी निचोड़ने के बाद तौलिए को सिर के चारों ओर पगड़ी की तरह बांध कर इसे पांच मिनट तक रहने दीजिए। इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं। इस प्रक्रिया से बालों और स्कल्प पर तेल को सोखने में मदद मिलती है। इस तेल को पूरी रात सिर पर लगा रहने दें, सुबह ताजे ठंडे पानी से धो डालें।

वायु में प्रदूषण और गंदगी से आंखों में जलन और लालिमा आ सकती है। आंखों को ताजे पानी से बार-बार धोना चाहिए। कॉटनवूल पैड को ठंडे गुलाब जल या ग्रीन-टी में डुबोइए इसे इसे आंखों में आई पैड की तरह प्रयोग कीजिए। आंखों में आई पैड लगाने के बाद जमीन में गद्दे पर 20 मिनट तक आराम में श्वाशन की मुद्रा में लेट जाइए। इससे आंखों में थकान मिटाने में मदद मिलती है और आंखों में चमक आती है।

वायु में विद्यमान रसायनिक प्रदूषण त्वचा और स्कल्प के सामान्य संतुलन को बिगाड़ देते है जिससे त्वचा में रूखापन, संवेदनहीनता लाल चकत्ते, मुहांसे और खुजली एवं अन्य प्रकार की एलर्जी एवं बालों में रूसी आदि की समस्याएं उभर सकती हैं, इससे त्वचा और बाल निर्जिन बन सकते हैं।

 

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