पांचवें दिन होती है स्कंदमाता की पूजा

0
101

पं,गणपति झा

नई दिल्ली,नवरात्र के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। इनकी पूजा से साधक का मन एकाग्र होकर समाधि में लीन होता है जिससे उसके मोक्ष का रास्ता खुलता है। साथ ही साधक के जीवन में आने वाली हर छोटी-बड़ी बाधा का तुरंत ही खात्मा होता है। इनकी पूजा के बाद निम्न मंत्र का 101 बार जप करना चाहिए।
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here