स्वामी सानंद गंगा की अविरलता के लिए 111 दिन अनशन कर त्याग दिए प्राण

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गंगा की अविरलता के लिए अपने प्राण त्यागने वाले स्वामी सानंद केवल एक संत ही नहीं थे, बल्कि एक विश्व विख्यात प्रोफेसर भी थे। प्रख्यात पर्यावरणविद् और आईआईटी कानपुर के प्रख्यात प्राध्यापक रहे प्रो. जीडी अग्रवाल(स्वामी ज्ञान स्वरुप सानंद) का गुरुवार को एम्स में निधन हो गया।  स्वामी ज्ञानस्वरुप सानंद महात्मागांधी चित्रकूट ग्रामोद्योग विश्वविद्यालय(म.प्र.) में मानद प्रोफेसर भी थे। स्वामी सानंद 22 जून 2018 से गंगा एक्ट को लेकर अनशन पर थे। प्रो. जीडी अग्रवाल ने 2009 में भागीरथी नदी पर बांध के निर्माण को रुकवाने के लिए अनशन किया था और उन्होंने इसमें सफलता भी पाई थी।
मातृ सदन में आमरण अनशन पर बैठे स्वामी को 10 अक्टूबर को प्रशासन ने जबरन अनशन से उठवाकर ऋषिकेश के एम्स में भर्ती करा दिया था। स्वामी ने मंगलवार को जल भी त्याग दिया था। वह गंगा अधिनियम को लागू कराने की मांग को लेकर 111 दिन से अनशन पर बैठे थे।

इसके बाबत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट किया था। केन्द्रीय जल संसाधन, भूतल परिवहन और मंत्री नितिन गडकरी ने भी प्रो. अग्रवाल से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की थी, प्रतिनिधि भेजकर भी आग्रह किया था, लेकिन अग्रवाल ने अनसुना कर दिया था। प्रो. अग्रवाल का जन्म 1932 में मुजफ्फरनगर के गांव कांधला में हुआ था। उन्होंने आईआईटी रुडक़ी, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले से सिविल इंजीनियरिंग और पर्यावरण के क्षेत्र में शिक्षा ग्रहण किया था और 17 साल तक आईआईटी कानपुर को अपनी सेवाएं दी थी।

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