तीन तलाक, हलाला, एक राष्ट्र-एक चुनाव: राष्ट्रपति के अभिभाषण में जोर

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 नई दिल्ली । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के संयुक्त सत्र में अपने अभिभाषण में केंद्र सरकार के अजेंडे को पेश करते हुए सभी दलों से तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं को खत्म करने के लिए सहयोग मांगा है। प्रेजिडेंट ने मोदी सरकार 2.0 को गरीबों, किसानों और जवानों के लिए समर्पित बताते हुए कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने तक हम विकास के नए मानकों को हासिल करेंगे। उन्होंने कहा, ‘देश के लोगों को लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ा, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। सरकार के दबाव, प्रभाव या अभाव की स्थिति से जनता को मुक्त करना है।’ दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में देश को शामिल करने का लक्ष्य भी उन्होंने देश का सामने रखा। आतंकवाद का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया भारत के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि साल 2022 तक देश के किसान की आय दोगुनी हो सके, इसके लिए पिछले 5 वर्षों में अनेक कदम उठाए गए हैं।

राष्ट्रपति के अभिभाषण की बड़ी बातें:
– इस बार, महिलाओं ने पहले की तुलना में अधिक मतदान किया है और उनकी भागीदारी पुरुषों के लगभग बराबर रही है। करोड़ों युवाओं ने पहली बार मतदान करके भारत के भविष्य निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस चुनाव की सफलता के लिए सभी मतदाता बधाई के पात्र हैं।
– इस चुनाव में जनता ने बहुत ही स्पष्ट जनादेश दिया है। सरकार के पहले कार्यकाल के मूल्यांकन के बाद, देशवासियों ने दूसरी बार और भी मजबूत समर्थन दिया है। ऐसा करके देशवासियों ने वर्ष 2014 से चल रही विकास यात्रा को अबाधित, और तेज गति से आगे बढ़ाने का जनादेश दिया है।
– इस लोकसभा में लगभग आधे सांसद पहली बार निर्वाचित हुए हैं। लोकसभा के इतिहास में सबसे बड़ी संख्या में, 78 महिला सांसदों का चुना जाना नए भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है।
– मेरी सरकार पहले दिन से ही सभी देशवासियों का जीवन सुधारने, कुशासन से पैदा हुई उनकी मुसीबतें दूर करने और समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सभी जरुरी सुविधाएं पहुंचाने के लक्ष्य के प्रति समर्पित है।
– देशवासियों की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी करते हुए, अब सरकार उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप एक सशक्त, सुरक्षित, समृद्ध और सर्वसमावेशी भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह यात्रा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की मूल भावना से प्रेरित है।
– नए भारत की यह परिकल्पना केरल के महान कवि श्री नारायण गुरु के इन सद्विचारों से प्रेरित है: ‘जाति-भेदम मत-द्वेषम एदुम इल्लादे सर्वरुम, सोदरत्वेन वाड़ुन्न मात्रुकास्थान मानित।’
– जो किसान हमारा अन्नदाता है, उसकी सम्मान-राशि की पहुंच बढ़ाते हुए, अब ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ को, देश के प्रत्येक किसान के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
– पहली बार किसी सरकार ने छोटे दुकानदार भाई-बहनों की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान दिया है। कैबिनेट की पहली बैठक में ही छोटे दुकानदारों और रीटेल ट्रेडर्स के लिए एक अलग ‘पेंशन योजना’ को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना का लाभ लगभग 3 करोड़ छोटे दुकानदारों को मिलेगा।
– नेशनल डिफेंस फंड’ से वीर जवानों के बच्चों को मिलने वाली स्कॉलरशिप की राशि बढ़ा दी गई है। इसमें पहली बार राज्य पुलिस के जवानों के बेटे-बेटियों को भी शामिल किया गया है।
– हमारे देश में जल संरक्षण की परंपरागत और प्रभावी व्यवस्थाएं समय के साथ लुप्त होती जा रही हैं। तालाबों और झीलों पर घर बन गए और जल-स्रोतों के लुप्त होने से गरीबों के लिए पानी का संकट बढ़ता जा रहा है।
– क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वॉर्मिंग के बढ़ते प्रभावों के कारण आने वाले समय में, जलसंकट के और गहराने की आशंका है। आज समय की मांग है कि जिस तरह देश ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को लेकर गंभीरता दिखाई है, वैसी ही गंभीरता ‘जल संरक्षण एवं प्रबंधन’के विषय में भी दिखानी होगी।
– हमें अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना ही होगा। नए ‘जलशक्ति मंत्रालय’ का गठन, इस दिशा में एक निर्णायक कदम है जिसके दूरगामी लाभ होंगे। इस नए मंत्रालय के माध्यम से जल संरक्षण एवं प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
– साल 2022 तक देश के किसान की आय दोगुनी हो सके, इसके लिए पिछले 5 वर्षों में अनेक कदम उठाए गए हैं।
– आज भारत मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया में दूसरे स्थान पर है। हमारे देश में प्रथम स्थान पाने की क्षमता है। इसीलिए सरकार, ‘ब्लू रिवोल्यूशन’ यानि ‘नीली क्रांति’ के लिए प्रतिबद्ध है। मछली पालन के समग्र विकास के लिए एक अलग विभाग गठित किया गया है।
– इलाज के खर्च से गरीब परिवार आर्थिक संकट में फंस जाते हैं। उन्हें इस संकट से बचाने के लिए 50 करोड़ गरीबों को ‘स्वास्थ्य सुरक्षा कवच’ प्रदान करने वाली विश्व की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम ‘आयुष्मान भारत योजना’ लागू की गई है।
– देश के 112 ‘आकांक्षी जिलों’ के विकास के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हो रहा है। मेरी सरकार बैंक सेवाओं को देशवासियों के द्वार तक पहुंचाने का काम भी कर रही है।
– मेरी सरकार एक मजबूत, सुरक्षित और समावेशी भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है: राष्ट्रपति
– महिला सशक्तीकरण, मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। नारी का सबल होना तथा समाज और अर्थ-व्यवस्था में उनकी प्रभावी भागीदारी, एक विकसित समाज की कसौटी होती है। सरकार की यह सोच है कि न केवल महिलाओं का विकास हो, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास हो। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के दंड अधिक सख्त बनाए गए हैं और नए दंड प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
– ‘उज्ज्वला योजना’ द्वारा धुएं से मुक्ति, ‘मिशन इंद्रधनुष’ के माध्यम से टीकाकरण, ‘सौभाग्य’ योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन, इन सभी का सर्वाधिक लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिला है।
– ‘राष्ट्रीय आजीविका मिशन’ के तहत ग्रामीण अंचलों की 3 करोड़ महिलाओं को अब तक 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया जा चुका है।
– देश में हर बहन-बेटी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने हेतु ‘तीन तलाक’ और ‘निकाह-हलाला’ जैसी कुप्रथाओं का उन्मूलन जरूरी है। मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करूंगा कि हमारी बहनों और बेटियों के जीवन को और सम्मानजनक एवं बेहतर बनाने वाले इन प्रयासों में अपना सहयोग दें।
– सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के गरीब युवाओं के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इससे उन्हें नियुक्ति तथा शिक्षा के क्षेत्र में और अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
– प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत, स्वरोजगार के लिए लगभग 19 करोड़ ऋण दिए गए हैं। इस योजना का विस्तार करते हुए अब 30 करोड़ लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उद्यमियों के लिए बिना गारंटी 50 लाख रुपए तक के ऋण की योजना भी लाई जाएगी।
– आज भारत दुनिया के सबसे अधिक स्टार्ट-अप वाले देशों में शामिल हो गया है। हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2024 तक देश में 50 हजार स्टार्ट-अप स्थापित हों। बीते पांच सालों में युवाओं के कौशल विकास से लेकर उन्हें स्टार्ट-अप एवं स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद देने और उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त सीटें उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
– आज भारत विश्व की सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। अब भारत, जीडीपी की दृष्टि से दुनिया की पंचवी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
– जीएसटी के लागू होने से ‘एक देश, एक टैक्स, एक बाजार’ की सोच साकार हुई है। जीएसटी को और सरल बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।
– काले धन के खिलाफ शुरू की गई मुहिम को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। पिछले दो सालों में, चार लाख 25 हजार निदेशकों को अयोग्य घोषित किया गया है और तीन लाख 50 हजार संदिग्ध कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है।
– इनसॉलवेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड, देश के सबसे बड़े और प्रभावी आर्थिक सुधारों में से एक है। इस कोड के अमल में आने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थानों की साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि का निपटारा हुआ है। आर्थिक अपराध करके भाग जाने वालों पर नियंत्रण करने में ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम’ उपयोगी सिद्ध हो रहा है।

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